श्री ब्रह्मकन्या विद्यापीठ आंबलगढ़

श्री औदिच्य राजपुरोहित शिक्षण संस्थान

परम श्रद्धेय गोऋषि स्वामी श्री दत्तशरणानन्दजी महाराजश्री के पावन सान्निध्य में संचालित

निर्देश और नियम

अभिभावक निर्देश :-

रविवार, विशिष्ट पर्वों के अवकाश एवं जन्मदिन को निर्धारित अवधि तक ही घर से आने वाले फोन पर वार्ता संभव होगी, वार्ता के उपरांत पंजिका पर रिकोर्ड अंकित करना होगा।

प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ऋषिकुमारियां अनुमति प्राप्त कर आगमन पंजिका में हस्ताखर कर (जिनका फोटो छात्रावास रिकोर्ड में होगा) अपने अभिभावकों से मिल सकेगें। अन्य दिनों में नहीं।

अभिभावकों को रूकने की व्यवस्था संभव नहीं है।

 छात्रावास के घोषित अवकाशों को नियत समय पर ऋषिकुमारियों को ले जाने और पहुंचाने का दायित्व अभिभावक का ही होगा। पिताजी द्वारा अधिकृत पत्र प्रस्तुत करने पर ही किसी अन्य के साथ जाने की अनुमति दी जा सकेगी।

अभिभावक द्वारा दूरभाष पर किसी भी प्रकार के आग्रह पर ऋषिकुमारी को कहीं भी नहीं भेजा जायेगा।

ऋषिकुमारी को अपने सम्पूर्ण सामान की सूची दो प्रतियों में बनाकर छात्रावास कार्यालय में जमा कराना होगा जिसकी एक प्रति उसके पास एवं दूसरी छात्रावास प्रभारी के पास में रहेगी।

 किसी भी प्रकार की अवांछित वस्तुएं प्राप्त होने पर ऋषिकुमारी को तत्काल निष्कासित कर दिया जायेगा।

 छात्रावास सम्पत्ति को क्षति-पहुंचाने, बिना अनुमति परिसर छोड़ने, दिनचर्या का पालन न करने व कार्यक्रमों में भाग न लेने, छात्राओं, कर्मचारियों एवं आचार्यों के प्रति व्यवहार ठीक न रखने, स्वाध्याय के समय शोर करने व टहलने, स्वच्छता न रखने, गृहकार्य पूरा न करने आदि कारणों से भी छात्रावास सुविधा से वंचित किया जायेगा।

उपर्युक्त बिन्दुओं के अतिरिक्त समय-समय पर विद्यापीठ प्रशासन के निर्णयों को अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।:-

विद्यार्थी निर्देश  :-

छात्रावास के नियमों का दृढ़ता से पालन करना तथा अनुशासन बनाए रखना।
                                                                                                                                                                                  कक्ष अथवा कक्ष के बाहर शांति भंग न हो इसका विशेष ध्यान रखना।

छात्रावास दिनचार्या का पालन करना।

 छात्रावास परिसर से बाहर छात्रावास अधीक्षक की अनुमति के बिना नहीं जाना।

अपने अंदर-बाहर, बिस्तर तथा पलंग की सफाई पर विशेष ध्यान देना तथा इसे साफ-सुथरा व सुसज्जित रखना।

अपनी सभी वस्तुओं को निर्धारित स्थान पर उचित ढ़ंग से रखना।

 छात्रावास के अन्दर तथा बाहर किसी ऋषि कुमारी या अन्यव्यक्तियों से अशिष्ट व्यवहार नहीं करना।

छात्रावास तथा विद्यापीठ की वस्तुओं की किसी भी प्रकार की क्षति न पहुँचाई जाए।

वार्तालाप क्रम में भी अशिष्ट व्यवहार न करना।

शौचालय तथा स्नानगृह को स्वच्छ रखना। दीवारों, खिड़कियों तथा दरवाजों आदि पर किसी प्रकार से लिखना मनाही है।
                                                                                                                                                                        अध्ययनकाल में अपने सहपाठियों के साथ अध्ययन के अतिरिक्त किसी प्रकार से वार्तालाप नहीं करना है।

छात्रावास में कोई अवांछित पत्रिका, पुस्तक, इलेक्ट्रानिक वस्तुएं इत्यादि नहीं लाना है, क्योंकि वस्तुओं का प्रयोग वर्जित है।

 ऋषिकुमारियाँ अपने बिस्तर तथा पलंग का ही उपयोग करेंगे। एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक, ब्लॉक प्रभारी की अनुमति से ही जाएं।
प्रातः काल जागरण संकेत होते ही उठ जाना तथा रात्रि में समय पर सो जाना है।

निष्कासन:-

 विद्यापीठ या छात्रावास का समय से शुल्क न जमा होने पर।

अनुशासनहीनता, अनैतिक कार्य करने पर, परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर, विद्यापीठ अथवा छात्रावास की वस्तु को क्षति पहुंचने पर, मोबाईल पकड़े जाने पर, दुव्यर्वहार करने पर ऋषिकुमारियों का

निष्कासन विद्यापीठ से उपर्युक्त में से किसी भी समय किया जा सकता है।

सत्र के मध्य में छात्रावास या विद्यापीठ से निष्कासन/छोड़ने की स्थिति में किसी भी प्रकार की विद्यापीठ छात्रावास में जमा राशि वापिस नहीं की जायेगी। टिप्पणी – विद्यापीठ छात्रावास द्वारा निर्धारित समस्त नियमों का पालन अवश्य करें। अन्यथा किसी अनियमितता के दुष्परिणाम हेतु विद्यापीठ उत्तरदायी नहीं होगा।

आवासीय नियम :-

सुबह घंटी बजने पर सभी को उठकर वातावरण को शांत रखते हुए तैयार होना है। सभी को प्रतिदिन योग कक्षा में भाग लेना अनिवार्य है, श्री शारदामाता मंदिर प्रार्थना और आरती में सम्मिलित होना अनिवार्य है। छात्रावास की सभी गतिविधियों में पारदर्शिता होगी।

छात्रावास में अध्ययन का श्रेष्ठतम वातावरण बनाने के लिए आवश्यक पुस्तकें व सामग्री उपलब्ध कराने, समय सारिणी निर्धारित करने, पुस्तकालय व्यवस्था, संदर्भ व्यक्तियों के व्याख्यान करवाने, इत्यादि के बारे में निर्णय विद्यापीठ कार्यकारिणी द्वारा लिये जायेगें। 

छात्रावास में भोजन, अल्पाहार व पीने के पानी की समुचित व्यवस्था से संबंधित निर्णय कार्यालय प्रबंधन द्वारा लिये जायेगें। सभी को भोजन कक्ष में ही भोजन करना अनिवार्य है। छात्रावास प्रमुख की अनुमति से बीमार बताये गये लोगों को छोड़कर अन्य किसी को छात्रावास कक्ष में भोजन करने की अनुमति नहीं है। कक्ष के अंदर चाय, कॉफी, न्ूडल्स बनाने सहित अन्दर खाना पकाने की सख्त मनाही है। किसी भी विद्यार्थी को भोजनशाला में प्रवेश की अनुमति नहीं है।

 सुबह का बालभोग प्रातः 8 से 9 बजे तक होगा। 9 से 12 बजे तक बंद रहेगा। दोपहर का भोजन 1 से 2 बजे तक होगा, दिन में 6 बजे तक अन्नक्षेत्र बंद रहेगा। रात्रि प्रसाद 7 से 8.30 बजे तक होगा। रात्रि में 9.30 बजे अन्नक्षेत्र बंद हो जायेगा।छात्रावास संचालन, सुधार संबंधी सुझाव, सुझाव-पेटी में डालने हैं।

छात्रावास से संबंधित किसी भी विषय में विद्यापीठ प्रबंधन को निर्णय लेने का अधिकार होगा।

नियमावली में यदि कोई नियम प्रकाशित नहीं है लेकिन परिस्थिति व आवश्यकता को दुष्टिगत रखते हुए प्रबंधन द्वारा लागू किये गये आदेश को नियमों के समकक्ष ही मान्यता प्राप्त होगी। समय-समय पर आवश्यकता अनुसार नियमों में परिवर्तन, परिवदर््धन, संशोधन, निरस्तीकरण का अधिकार प्रबंधन को होगा। जिसकी पूर्व सूचना देना आवश्यक नहीं होगा।

छात्रावास में अपने कक्ष की सफाई पारी के अनुसार करना है। सामूहिक कार्यों में सभी सदस्यों को हाथ बंटाना है। अस्वस्थता के कारण काम करने की असमर्थता पर छूट अधीक्षिका से लेना अनिवार्य है।

छात्रावासी अपने सामान की सुरक्षा के लिए स्वयं जिम्मेदार होगें। वे अपने कक्ष में नकदी या कीमती सामान गहने, महंगी घड़ी आदि न रखें। अपने पर्स, केलकुलेटर, टैब, लैपटॉप और पुस्तकों की सुरक्षा स्वयं करे। किसी वस्तु के खो जाने या चोरी हो जाने की स्थिति में छात्रावास के अधिकारी ऐसी हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होगे। कक्ष में कोई न हो तो लाईट, पंखे, नल और गीजर आदि अनिवार्य रूप से बंद करना होगा। ऐसा न पाए जाने पर छात्रावासी के विरूद्व

पहली बार चेतावनी दी जायेगी और दोहराए जाने पर छात्रावासी की निर्धारित जुर्माना राशि देनी होगी।

छात्रावासियों का कक्षाओं के दौरान छात्रावास में रहने की अनुमति नहीं है। जब तक बीमारी का किसी अन्य उचित कारण से रहने की स्थिति अपरिहार्य न हो। ऐसे प्रकरण में उन्हें लिखित रूप मेंछात्रावास अधीक्षक से अनुमति लेनी होगी।छात्रावासियों को कक्ष के बाहर, छात्रावास कोरिडोर में पहनावे में मर्यादा रखनी होगी।

छात्रावास में शांति बनाए रखना होगा। कक्ष के बाहर संगीत, लाउड बातचीत सुनाई न दे। किसी भी तरह शोर की अनुमति नहीं होगी, जिससे छात्रावास परिसर में अन्य छात्रावासियों को परेशान हो।

गिले कपड़े निर्धारित स्थान पर ही कपड़े सुखाएँ।

छात्रावास से बाहर जाते समय रजिस्टर में अपना नाम तथा जोन का समय, दिनांक, कारण (जाने का) लिखकर जाएँ तथा वापिस आने का समय-दिनांक भी लिखे व हस्ताक्षर करके ही प्रवेश करें। आने और जाने की सूचना कार्यालय में अनिवार्य रूप से दी जाये।

छात्रावासियों को अपने अध्ययन समय का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है।

परिचय

भारतीय संस्कृति में प्राचीन ऋषि प्रणित शिक्षा का सर्वथा लोप होना प्रत्यक्ष दिखाई देता है। शिक्षा का सामान्य अर्थ हमारी अंतर्निहित क्षमताओं का प्रकटीकरण ही है।

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